वरिष्ठ नागरिकों के लिए जीवन ऐप बनाने की कवायद शुरू हो चुकी है, लेकिन इसके पीछे की सच्चाई यह है कि बिना इंटरनेट और डिजिटल साक्षरता के यह ऐप जमीन पर दम तोड़ देगा।
राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण संगठन (NSSO) के अनुसार, देश के लगभग 70% वरिष्ठ नागरिक ग्रामीण क्षेत्रों में रहते हैं, जहां इंटरनेट की पहुंच बहुत कम है। यहां तक कि शहरी क्षेत्रों में भी, वरिष्ठ नागरिकों के पास स्मार्टफोन की उपलब्धता महज 20% है, जैसा कि नीति आयोग की रिपोर्ट में बताया गया है।
इस ऐप के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाओं, पेंशन योजनाओं और अन्य सुविधाओं का लाभ उठाने का वादा किया जा रहा है, लेकिन इसके लिए उन्हें पहले स्मार्टफोन और इंटरनेट का उपयोग करना सीखना होगा। यह एक बड़ा चुनौती है, क्योंकि अधिकांश वरिष्ठ नागरिकों को डिजिटल साक्षरता की कमी है। संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में लगभग 40% वरिष्ठ नागरिकों को पढ़ने और लिखने की क्षमता नहीं है, जो उन्हें डिजिटल दुनिया से दूर रखती है।
इसके अलावा, यह ऐप वरिष्ठ नागरिकों की निजता और डेटा सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं बढ़ाता है। नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में लगभग 70% वरिष्ठ नागरिकों को डेटा सुरक्षा के बारे में जानकारी नहीं है, जो उन्हें साइबर अपराधों के प्रति अधिक संवेदनशील बनाती है। यह ऐप वरिष्ठ नागरिकों की व्यक्तिगत जानकारी को संग्रहीत करेगा, जो हैकर्स और साइबर अपराधियों के लिए एक आसान लक्ष्य बन सकता है।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए जीवन ऐप की असफलता का एक और कारण यह है कि यह उनकी मूलभूत जरूरतों को पूरा नहीं करेगा। अधिकांश वरिष्ठ नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाओं, पेंशन योजनाओं और अन्य सुविधाओं की आवश्यकता होती है, लेकिन यह ऐप उन्हें इन सुविधाओं तक पहुंचने में मदद नहीं करेगा। इसके बजाय, यह ऐप उन्हें अधिक जटिल और भ्रमित करने वाली प्रक्रियाओं से गुजरने के लिए मजबूर करेगा, जो उन्हें और अधिक परेशान करेगा।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए जीवन ऐप की असफलता का एक और कारण यह है कि यह उनकी सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में नहीं रखता है। अधिकांश वरिष्ठ नागरिकों को आर्थिक सुरक्षा की आवश्यकता होती है, लेकिन यह ऐप उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्रदान नहीं करेगा। इसके बजाय, यह ऐप उन्हें अधिक आर्थिक बोझ से गुजरने के लिए मजबूर करेगा, जो उन्हें और अधिक गरीबी में धकेलेगा।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए जीवन ऐप की असफलता का एक और कारण यह है कि यह उनकी भावनात्मक और मानसिक स्वास्थ्य की जरूरतों को पूरा नहीं करेगा। अधिकांश वरिष्ठ नागरिकों को भावनात्मक और मानसिक स्वास्थ्य की आवश्यकता होती है, लेकिन यह ऐप उन्हें भावनात्मक और मानसिक स्वास्थ्य की सुविधाएं प्रदान नहीं करेगा। इसके बजाय, यह ऐप उन्हें अधिक अकेलापन और उदासीनता की ओर धकेलेगा, जो उन्हें और अधिक मानसिक रोगों के प्रति संवेदनशील बनाएगा।
अंत में, वरिष्ठ नागरिकों के लिए जीवन ऐप एक असफल प्रयास है, जो उनकी मूलभूत जरूरतों को पूरा नहीं करेगा। यह ऐप उन्हें अधिक जटिल और भ्रमित करने वाली प्रक्रियाओं से गुजरने के लिए मजबूर करेगा, जो उन्हें और अधिक परेशान करेगा। इसके बजाय, हमें वरिष्ठ नागरिकों की मूलभूत जरूरतों को पूरा करने के लिए व्यावहारिक और प्रभावी समाधानों की आवश्यकता है, जो उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं, पेंशन योजनाओं और अन्य सुविधाओं तक पहुंचने में मदद करेगा।
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